बिकरू कांड की आरोपी मनु पांडेय ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, ढाई साल से थी फरार
Manu Pandey Bikru Case Surrenders
कानपुर: Manu Pandey Bikru Case Surrenders: 2020 के बहुचर्चित बिकरु कांड में फरार आरोपी मनु पांडेय ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. पुलिस का काफी समय से मनु पांडेय की तलाश थी. सरेंडर के बाद 8 पुलिसकर्मियों की जघन्य हत्याकांड में छिपे कई राज उजागर हो सकते हैं. बिकरु कांड के आरोपी विकास दुबे का पहले एनकाउंटर हो चुका है.
चौबेपुर थाना प्रभारी आशीष चौबे ने बताया कि कोर्ट में सरेंडर करते समय मनु ने कहा कि वह फरार रहकर डर के साये में जी रही थी. अब न्यायिक प्रक्रिया में शामिल होना चाहती हैं. मनु करीब ढाई साल से फरार चल रही थी.
उन्होंने बताया कि पुलिस ने मनु पांडेय को शुरुआत में चार्जशीट में शामिल नहीं किया था, क्योंकि वह इस केस में सरकारी गवाह बनी थी. बाद में घटना से जुड़े कई ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मनु को भी आरोपी बनाया.
ढाई साल से फरार थी मनु पांडेय: साजिश का आरोपी बनाने के बाद पुलिस ने मनु के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया. वारंट जारी होते ही अचानक मनु फरार हो गई. सितंबर 2023 में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने उसके घर पर कुर्की की कार्रवाई भी की थी. ढाई साल फरारी काटने का बाद 28 नवंबर 2025 यानी शुक्रवार को मनु ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया.
2020 का बिकरु कांड क्या है: 2 जुलाई 2020 में को चौबेपुर थाना क्षेत्र में बहुचर्चित बिकरु कांड हुआ था. इसमें कुख्यात बदमाश विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी. पुलिस की टीम बदमाश विकास दुबे को पकड़ने उसके गांव पहुंची थी.
यह भनक विकास को लग गई. उसने साथियों के साथ पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर सीओ देवेंद्र मिश्रा, दरोगा महेश चंद्र, अनूप कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर नेबु लाल, कांस्टेबल सुलतान सिंह, राहुल, बबलू और जितेंद्र की हत्या कर दी थी.
घटना के बाद पुलिस ने 44 आरोपियों में से 30 पर गैंगस्टर का मामला दर्ज किया था. इस दौरान विकास दुबे सहित कई आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे. वहीं, पुलिस जांच में विकास दुबे के मामा प्रकाश पांडे और उसकी पुत्रवधु मनु पांडेय का भी नाम सामने आया. घटना के अगले दिन सुबह पुलिस ने विकास के मामा प्रेम प्रकाश को मुठभेड़ में मार गिराया था.